Jaswant kumar
@Jassi
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Published Poems (2)
Shayari
वादे
जो किए ही नहीं कभी मैंने
वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं
मुझसे फिर बात कर रही है वो
फिर से बातों में आ रहा हूँ मैं
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December 14, 2025
Kavita
नज़रिये की बात
कभी ब्राह्मण प्यासा भी हो सकता है
शूद्रों का अपना कुआँ भी हो सकता है
धुँध समझकर मास्क मत हटाना
देश की हवा में धुआँ भी हो सकता है
जिस गंगा में तु...
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December 14, 2025