Ghazal

एनिवर्सरी मुबारक

14 views December 12, 2025
आज फिर से मुबारकबाद देने का दिन आया है,
वाह भाई! तुमने एक और साल कामयाबी से निभाया है!
कल तक जो बंदा दोस्तों की महफ़िल की शान था,
आज "सब्ज़ी ले आना" पे घर भागा आया है।

भाभी जी की 'हां' में 'हां' मिलाने का हुनर,
लगता है तुमने ट्रेनिंग लेकर पक्का कर आया है।

हम तो बस केक और पार्टी के इंतज़ार में बैठे हैं,
सुना है आज भाई ने पर्स ख़ास तौर पर भरवाया है।

ज़िगर तो बस यही दुआ देगा, जोड़ी सलामत रहे,
वर्ना कौन इस "लड्डू" को खाकर इतना मुस्कुराया है!

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